पूर्व CM ने बढ़ा दी CM Mohan Yadav की मुश्किलें क्या मोहन यादव के लिए प्रदेश संभालना मुश्किल हो रहा है

पूर्व CM ने बढ़ा दी CM Mohan Yadav की मुश्किलें क्या मोहन यादव के लिए प्रदेश संभालना मुश्किल हो रहा है

पूर्व CM ने बढ़ा दी CM Mohan Yadav की मुश्किलें क्या मोहन यादव के लिए प्रदेश संभालना मुश्किल हो रहा है क्या मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है क्या मोहन यादव के लिए प्रदेश संभालना और सरकार चलाना मुश्किल हो रहा है यह सवाल उठ रहे हैं क्योंकि मध्य प्रदेश लगातार कर्ज पर कर्ज ले रहा है पिछली सरकार ने प्रदेश के लिए कर्ज छोड़ा था और मोहन यादव की सरकार बनने के 10 दिन के भीतर मोहन यादव ने प्रदेश चलाने के लिए बार फिर से कर्जा लिया है

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यह तमाम सवाल क्यों आ रहे हैं इनके जवाब क्या है विस्तार से आपको इस रिपोर्ट में बताएंगे बीजेपी को विधानसभा चुनाव में बंपर जीत तो मिल गई लेकिन मोहन यादव के लिए प्रदेश चलाना एक चुनौती बन गया है क्योंकि शिवराज सिंह चौहान विरासत में बहुत सारा कर्जा छोड़कर गए हैं आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान भी तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कर्जा लिया था क्योंकि प्रदेश की कई योजनाओं के लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने थे

और अब जब प्रदेश में मोहन यादव की सरकार बन गई है मोहन यादव सीएम है तो सीएम पद की शपथ लेने के 10 दिन के भीतर ही मोहन यादव ने भी एक बार फिर से कर्जा लिया है आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव एक महीने के भीतर ही कर्ज लेने के लिए मजबूर हो गए हैं सरकार ने प्रक्रिया के तहत सहमति पत्र आरबीआई को भेज दिया है लोन की रकम लगभग 2000 करोड़ रुपए बताई जा रही है

वहीं आपको बता दें कि मोहन यादव सरकार को 3.5 लाख करोड़ का कर्ज विरासत में शिवराज सिंह चौहान के द्वारा मिला है मध्य प्रदेश राज्य की वित्तीय स्थिति का अंदाजा हम इस बात से लगा सकते हैं कि खर्चों को पूरा करने के लिए सरकार ने विधानसभा चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के दौरान ही 5000 करोड़ का कर्जा लिया था वहीं यह भी बता दें कि चुनाव से पहले सरकार की घोषणाओं और योजनाओं से खर्च में कम से कम 10 फीदी की वृद्धि हुई है


नई बीजेपी सरकार को राज्य के वित्त का प्रबंधन करने और विकास की जरूरतों और कल्याणकारी योजनाओं के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई हो रही है और इसीलिए सरकार बनने के एक महीने के अंदर ही मोहन यादव सरकार एक बार फिर से ₹ ज का कर्जा लेने के लिए मजबूर हो गई है आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना जैसी योजनाओं के लिए सरकार को हर महीने कम से कम 4000 करोड़ का कर्जा लेना पड़ रहा है

लाडली बहना योजना के तहत हर महीने प्रदेश की 1 करोड़ से अधिक लाडली बहनों को ₹1200 दिए जाते हैं सरकार की चुनावी योजना अब सरकार के लिए कहीं ना कहीं बड़ी चुनौती बनती हुई दिखाई दे रही है मोहन यादव के लिए प्रदेश चलाना मुश्किल होता दिखाई दे रहा है कुल मिलाकर शिवराज सिंह चौहान कर्जे के साथ मोहन यादव के लिए चुनौती भी कई सारी छोड़कर चले गए हैं

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